सिर्फ तुम
तुम ही आँखों में हो
तुम ही ख्यालों में हो
मैं जहाँ भी देखूं तुम ही तुम हो
आँखें बंद करके तुम्हे देखती हूँ
दिल के आईने में भी तुम्हे देखती हूँ
तुम सामने ना होकर भी सामने होते हो
तुम पास ना होकर भी पास होते हो
यह कैसा नशा है तुम्हारा
तुमसे दूर रह कर कोई गम नहीं
तुम्हारी यादें कुछ कम नहीं ।
तुम ही ख्यालों में हो
मैं जहाँ भी देखूं तुम ही तुम हो
आँखें बंद करके तुम्हे देखती हूँ
दिल के आईने में भी तुम्हे देखती हूँ
तुम सामने ना होकर भी सामने होते हो
तुम पास ना होकर भी पास होते हो
यह कैसा नशा है तुम्हारा
तुमसे दूर रह कर कोई गम नहीं
तुम्हारी यादें कुछ कम नहीं ।
Very nice ..
ReplyDeleteThanks
DeleteVery nice. Super.
ReplyDeleteSuperb dear..😍😘
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