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Showing posts from January, 2019

बारिश

बारिशो की बूंदों सी है कुछ तेरा मिलना आंखों को एक सुकून दे जाती है, खुलती है जब आंखे तो तू नही हवा में बस तेरी खुशबू रह जाती है, धूप में परछाई की तरह तेरे पीछे, ना जाने इस बदली में कही गुम हो जाती है, हकीकत समझने की भूल करे दिल उससे पहले आंखों से ख्वाब ओझिल हो जाती है।।

मेरी दुनिया

आंखो ने देख कैसी साजिश की है। हर ज़र्रे में तेरी तस्वीर की गुज़ारिश की है।। अक्सर दिलों के झरोखे में आराम फरमाते हैं लोग । फिर वो झरोखे छोड़ उड़ जाते है लोग।। हम समझते हैं जिन्हें घर के बाशिंदे कि तरह। अक्सर वहीं घरों को छोड़ जाते है।। सोचता हूं खुदा से में क्या मांगू सस्ते दामों में यहां खुदा बिकते हैं। दुनिया के बाज़ार में हर खरीदार बिकते हैं।। आइना मुझसे मेरे पहले की सूरत मांगे अपने मेरे मुझसे मेरे होने की पहचान मांगे। कैसे बोलू वो में हूं नहीं जो तुझे सामने से दिखता हूं।। ना छोड़ हाथ खुले बाज़ार में मुझ मासूम का। यह दुनिया मुझे दर्द ए नासूर सा लगता है ।।

अजनबी

अपनो में भी अज़नबी महसूस करता हूँ, खुद में ही खुद की कमी महसूस करता हूँ, आंखे नम सी हैं सासे थमी सी महसूस करता हूँ, ज़िन्दगी की तस्वीर में तेरे रंगों की कमी महसूस करता हूँ, मैं खुद ...

हमारा किस्सा

हमारा किस्सा भी कहानी बनके रह गया में तुम्हे भूल न सकी तुम मुझे याद न कर सके तेरी मेरी कहानी कुछ इस तरह लिखी गयी न हम जुदा हो सके न हम एक हो सके तू कल भी बेवफा था तू आज भी बेवफा है हमे तुझसे कल भी वफ़ा की उम्मीद थी हमे तुझसे आज भी वफ़ा की उम्मीद है हम तो कबका रब को भूल गए होते तुझसे मिलने की उम्मीद ने आज भी रब में विश्वास जगाये रखा है यूँ तो कई आये और कई गए बस एक तू ही था जो आया मगर कभी लौटा नहीं