हमारा किस्सा

हमारा किस्सा भी कहानी बनके रह गया
में तुम्हे भूल न सकी
तुम मुझे याद न कर सके

तेरी मेरी कहानी कुछ इस तरह लिखी गयी
न हम जुदा हो सके
न हम एक हो सके

तू कल भी बेवफा था
तू आज भी बेवफा है
हमे तुझसे कल भी वफ़ा की उम्मीद थी
हमे तुझसे आज भी वफ़ा की उम्मीद है

हम तो कबका रब को भूल गए होते
तुझसे मिलने की उम्मीद ने
आज भी रब में विश्वास जगाये रखा है

यूँ तो कई आये और कई गए
बस एक तू ही था जो आया
मगर कभी लौटा नहीं

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